रविवार, 26 मार्च 2017

बंधन


बंधन

आज से दो साल पहले सुरभि सचिन की मन की मुराद पूरी हुई
और वो बंधन में बंध गये और एक हो गये
सबको अपना बना ली और सबकी अपनी हो गई
हर क़दम पर सचिन का साथ देना और ध्यान देना
पल पल सचिन का ख़्याल रखना
दादी की प्यारी और दुलारी बहू
मॉ जी की आर्दश बहू पापा जी की समझदार बहू
साकेत और शुभम की ख़ूबसूरत भाभी
नन्दों को मान समान्न करने वाली भाभी
बुआओं का भरपूर प्यार ने अपना बना लिया
हर माहौल में अपने को ढाल ली हर हाल में निभा ली
सबके प्यार और दुलार ने सुरभि को अपना बना लिया
इस तरह ही दुलार मान और सचिन का प्यार मिलता रहे
मेरी दुलारी बेटी पापा की लाड़ली बेटी
भइया की नख़रीली प्यारी बहन नुपूर भाभी की संगी सहेली
इस तरह से अपनों को अपना बना ली
हर पल खुश रहना औरों को खुश रखना
यही हम सब दुआ करते है२


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