रविवार, 26 मार्च 2017

शहीदों को नमन


शहीदों को नमन
होली के दो दिन पहले खेली ख़ूनी रंगो की होली
देश के ग़द्दार है जो धोखे से मारते है गोली
देश के लिये अमर हो गये ये बारह की टोली
जो हँसते हँसते अपने जान की दे दिये क़ुर्बानी
इन शहीदों की वजह से हमने मनायी शुकुन की होली
इन्हें हम नमन करते है और करते श्रद्धांजलि अर्पित
कब आतंकवाद और नक्सलवाद से महफ़ूज़ होगे
और चैन अमन से हम सब रहेंगे
दुनिया शांति का नोबेल पुरुस्कार देती
शांति की बातें करती है पर कहॉ है वह शांति
जगदलपुर से लेकर दक्षिण तक सब तरफ है आतंकवाद
जिस भी दिशा में देखते है प्यार की परिभाषा ही भूले है
ये सब बंद करे और राजनीति से दूर रहे
भाईचारा की बातें करे और नफ़रत को fतलांजलि दे
और यह ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी सच्ची श्रद्धांजलि होगी
१२.३.१७
स्वरचित
साधना शर्मा


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